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गिलोय के औषधीय गà¥à¤£, फायदे और नà¥à¤•सान :
गिलोय (Tinospora Cordifolia) à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार की बेल है जो आमतौर पर जगंलों-à¤à¤¾à¥œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में पाई जाती है। पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ काल से ही गिलोय को à¤à¤• आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• औषधि के रà¥à¤ª में इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता रहा है। गिलोय के फायदों (Giloy ke fayde) को देखते हà¥à¤ ही हाल के कà¥à¤› सालों से अब लोगों में इसके पà¥à¤°à¤¤à¤¿ जागरà¥à¤•ता बà¥à¥€ है और अब लोग गिलोय की बेल अपने घरों में लगाने लगे हैं। हालांकि अà¤à¥€ à¤à¥€ अधिकांश लोग गिलोय की पहचान ठीक से नहीं कर पाते हैं। आपकी जानकारी के लिठबता दें कि गिलोय की पहचान करना बहà¥à¤¤ आसान है। इसकी पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का आकार पान के पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के जैसा होता है और इनका रंग गाà¥à¤¾ हरा होता है। आप गिलोय (Giloy in hindi) को सजावटी पौधे के रà¥à¤ª में à¤à¥€ अपने घरों में लगा सकते हैं।
गिलोय को गà¥à¤¡à¥‚ची (Guduchi), अमृता आदि नामों से à¤à¥€ जाना जाता है। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° गिलोय की बेल जिस पेड़ पर चà¥à¤¤à¥€ है उसके गà¥à¤£à¥‹à¤‚ को à¤à¥€ अपने अंदर समाहित कर लेती है, इसलिठनीम के पेड़ पर चà¥à¥€ गिलोय की बेल को औषधि के लिहाज से सरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤® माना जाता है। इसे नीम गिलोय (Neem giloy) के नाम से जाना जाता है।
गिलोय में पाठजाने वाले पोषक ततà¥à¤µ :
गिलोय में गिलोइन नामक गà¥à¤²à¥‚कोसाइड और टीनोसà¥à¤ªà¥‹à¤°à¤¿à¤¨, पामेरिन à¤à¤µà¤‚ टीनोसà¥à¤ªà¥‹à¤°à¤¿à¤• à¤à¤¸à¤¿à¤¡ पाया जाता है। इसके अलावा गिलोय (Giloy in hindi) में कॉपर, आयरन, फॉसà¥à¤«à¥‹à¤°à¤¸, जिंक,कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और मैगनीज à¤à¥€ पà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤°à¤¾ में मिलते हैं।
गिलोय के औषधीय गà¥à¤£ :
आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° गिलोय की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, जड़ें और तना तीनो ही à¤à¤¾à¤— सेहत के लिठबहà¥à¤¤ गà¥à¤£à¤•ारी हैं लेकिन बीमारियों के इलाज में सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ उपयोग गिलोय के तने या डंठल का ही होता है। गिलोय में बहà¥à¤¤ अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट पाठजाते हैं साथ ही इसमें à¤à¤‚टी-इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ और कैंसर रोधी गà¥à¤£ होते हैं। इनà¥à¤¹à¥€à¤‚ गà¥à¤£à¥‹à¤‚ की वजह से यह बà¥à¤–ार, पीलिया, गठिया, डायबिटीज, कबà¥à¥›, à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€, अपच, मूतà¥à¤° संबंधी रोगों आदि से आराम दिलाती है। बहà¥à¤¤ कम औषधियां à¤à¤¸à¥€ होती हैं जो वात, पितà¥à¤¤ और कफ तीनो को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करती हैं, गिलोय उनमें से à¤à¤• है। गिलोय (Giloy in hindi) का मà¥à¤–à¥à¤¯ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ टॉकà¥à¤¸à¤¿à¤¨ (विषैले हानिकारक पदारà¥à¤¥) पर पड़ता है और यह हानिकारक टॉकà¥à¤¸à¤¿à¤¨ से जà¥à¥œà¥‡ रोगों को ठीक करने में असरदार à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥€ है।
गिलोय का सेवन कैसे करें (How to take Giloy) :
आज के समय में अधिकांश लोगों को गिलोय के फायदे (Giloy ke fayde) तो पता हैं लेकिन उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ गिलोय की सेवन विधि नहीं पता होती है। आमतौर पर गिलोय का सेवन आप इन तीन रूपों में कर सकते हैं : गिलोय सतà¥à¤µ, गिलोय जूस (Giloy juice) या गिलोय सà¥à¤µà¤°à¤¸ और गिलोय चूरà¥à¤£à¥¤ आजकल बाज़ार में गिलोय सतà¥à¤µ और गिलोय जूस आसानी से उपलबà¥à¤§ हैं।
 आपको गिलोय के फायदे (Giloy ke fayde) और गिलोय की खà¥à¤°à¤¾à¤• के बारे में विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से बता रहे हैं। आइये जानते हैं :
गिलोय के फायदे (Giloy ke fayde in hindi) :
गिलोय डायबिटीज, कबà¥à¥› और पीलिया समेत कई गंà¤à¥€à¤° बीमारियों के इलाज में उपयोगी है। गिलोय या गà¥à¤¡à¥‚ची (Guduchi) के गà¥à¤£à¥‹à¤‚ के कारण ही आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में इसका नाम अमृता रखा गया है जिसका मतलब है कि यह औषधि बिलà¥à¤•à¥à¤² अमृत समान है। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° पाचन संबंधी रोगों के अलावा गिलोय सांस संबंधी रोगों जैसे कि असà¥à¤¥à¤®à¤¾ और खांसी से à¤à¥€ आराम दिलाने में काफी फायदेमंद है। इस लेख में हम आपको गिलोय के फायदों (Giloy ke fayde) के बारे में विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से बता रहे हैं।
1- डायबिटीज (Giloy benefits for diabetes in hindi)
गिलोय हाइपोगà¥à¤²à¤¾à¤ˆà¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• à¤à¤œà¥‡à¤‚ट की तरह काम करती है और टाइप-2 डायबिटीज को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ रखने में असरदार à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥€ है। गिलोय जूस (giloy juice) बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र के बढे सà¥à¤¤à¤° को कम करती है, इनà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤¨ का सà¥à¤°à¤¾à¤µ बà¥à¤¾à¤¤à¥€ है और इनà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤¨ रेजिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚स को कम करती है। इस तरह यह डायबिटीज के मरीजों के लिठबहà¥à¤¤ उपयोगी औषधि है।
खà¥à¤°à¤¾à¤• और सेवन का तरीका : डायबिटीज के लिठआप दो तरह से गिलोय (Giloy in hindi) का सेवन कर सकते हैं।
गिलोय जूस : दो से तीन चमà¥à¤®à¤š गिलोय जूस (10-15ml) को à¤à¤• कप पानी में मिलाकर सà¥à¤¬à¤¹ खाली पेट इसका सेवन करें।
गिलोय चूरà¥à¤£ : आधा चमà¥à¤®à¤š गिलोय चूरà¥à¤£ को पानी के साथ दिन में दो बार खाना खाने के à¤à¤• से डेॠघंटे बाद लें। Â
2- डेंगू (Giloy benefits for dengue in hindi) :
डेंगू से बचने के घरेलू उपाय के रà¥à¤ª में गिलोय का सेवन करना सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पà¥à¤°à¤šà¤²à¤¿à¤¤ है। डेंगू के दौरान मरीज को तेज बà¥à¤–ार होने लगते हैं। गिलोय में मौजूद à¤à¤‚टीपायरेटिक गà¥à¤£ बà¥à¤–ार को जलà¥à¤¦à¥€ ठीक करते हैं साथ ही यह इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ बूसà¥à¤Ÿà¤° की तरह काम करती है जिससे डेंगू से जलà¥à¤¦à¥€ आराम मिलता है।
खà¥à¤°à¤¾à¤• और सेवन का तरीका : डेंगू होने पर दो से तीन चमà¥à¤®à¤š गिलोय जूस (Giloy juice) को à¤à¤• कप पानी में मिलाकर दिन में दो बार खाना खाने से à¤à¤•-डेॠघंटे पहले लें। इससे डेंगू से जलà¥à¤¦à¥€ आराम मिलता है।
3- अपच (Giloy benefits for indigestion in hindi) :
अगर आप पाचन संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं जैसे कि कबà¥à¥›, à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ या अपच से परेशान रहते हैं तो गिलोय आपके लिठबहà¥à¤¤ फायदेमंद साबित हो सकती है। गिलोय का काà¥à¤¾, पेट की कई बीमारियों को दूर रखता है। इसलिठकबà¥à¥› और अपच से छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाने के लिठगिलोय का रोजाना सेवन करें।
खà¥à¤°à¤¾à¤• और सेवन का तरीका : आधा से à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š गिलोय चूरà¥à¤£ को गरà¥à¤® पानी के साथ रात में सोने से पहले लें। इसके नियमित सेवन से कबà¥à¥›, अपच और à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ आदि पेट से जà¥à¥œà¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से जलà¥à¤¦à¥€ आराम मिलता है।
4- खांसी (Giloy benefits for cough in hindi) :
अगर कई दिनों से आपकी खांसी ठीक नहीं हो रही है तो गिलोय (Giloy in hindi) का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है। गिलोय में à¤à¤‚टीà¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¿à¤• गà¥à¤£ होने के कारण यह खांसी से जलà¥à¤¦à¥€ आराम दिलाती है। खांसी दूर करने के लिठगिलोय के काà¥à¥‡ का सेवन करें।
खà¥à¤°à¤¾à¤• और सेवन का तरीका : खांसी से आराम पाने के लिठगिलोय का काà¥à¤¾ बनाकर शहद के साथ उसका सेवन करें। इसे दिन में दो बार खाने के बाद लेना जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फायदेमंद रहता है।
5- बà¥à¤–ार (Giloy benefits for fever in hindi) :
गिलोय या गà¥à¤¡à¥‚ची (Guduchi) में à¤à¤¸à¥‡ à¤à¤‚टीपायरेटिक गà¥à¤£ होते हैं जो पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ से पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ बà¥à¤–ार को à¤à¥€ ठीक कर देती है। इसी वजह से मलेरिया, डेंगू और सà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤¨ फà¥à¤²à¥‚ जैसे गंà¤à¥€à¤° रोगों में होने वाले बà¥à¤–ार से आराम दिलाने के लिठगिलोय (Giloy in hindi) के सेवन की सलाह दी जाती है।
खà¥à¤°à¤¾à¤• और सेवन का तरीका : बà¥à¤–ार से आराम पाने के लिठगिलोय घनवटी (1-2 टैबलेट) पानी के साथ दिन में दो बार खाने के बाद लें।
6– इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ में सहायक (Giloy benefits for immunity in hindi) :
बीमारियों को दूर करने के अलावा शरीर की रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ बà¥à¤¾à¤¨à¤¾ à¤à¥€ गिलोय के फायदे (Giloy ke fayde in hindi) में शामिल है। गिलोय सतà¥à¤µ या गिलोय जूस (Giloy juice) का नियमित सेवन शरीर की इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ पॉवर को बà¥à¤¤à¤¾ है जिससे सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम समेत कई तरह की संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• बीमारियों से बचाव होता है।
खà¥à¤°à¤¾à¤• और सेवन का तरीका : गिलोय इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ बूसà¥à¤Ÿà¤° की तरह काम करती है। इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठदिन में दो बार दो से तीन चमà¥à¤®à¤š (10-15ml) गिलोय जूस का सेवन करें।
7- पीलिया (Giloy benefits for jaundice in hindi) :
पीलिया के मरीजों को गिलोय के ताजे पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ का रस पिलाने से पीलिया जलà¥à¤¦à¥€ ठीक होता है। इसके अलावा गिलोय के सेवन से पीलिया में होने वाले बà¥à¤–ार और दरà¥à¤¦ से à¤à¥€ आराम मिलता है। गिलोय सà¥à¤µà¤°à¤¸ (Giloy juice) के अलावा आप पीलिया से निजात पाने के लिठगिलोय सतà¥à¤µ का à¤à¥€ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकते हैं।
खà¥à¤°à¤¾à¤• और सेवन का तरीका : à¤à¤• से दो चà¥à¤Ÿà¤•ी गिलोय सतà¥à¤µ को शहद के साथ मिलाकर दिन में दो बार नाशà¥à¤¤à¥‡ या कà¥à¤› खाने के बाद लें।
8- à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ (Giloy benefits for anemia in hindi) :
शरीर में खून की कमी होने से कई तरह के रोग होने लगते हैं जिनमें à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ सबसे पà¥à¤°à¤®à¥à¤– है। आमतौर पर महिलायें à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पीड़ित रहती हैं। à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ से पीड़ित महिलाओं के लिठगिलोय का रस काफी फायदेमंद है। गिलोय का रस (Giloy juice) का सेवन शरीर में खून की कमी को दूर करती है और इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को मजबूत बनाती है।
खà¥à¤°à¤¾à¤• और सेवन का तरीका : दो से तीन चमà¥à¤®à¤š (10-15ml) गिलोय जूस (Giloy juice) को शहद या पानी के साथ दिन में दो बार खाने से पहले लें।
9- तà¥à¤µà¤šà¤¾ के लिठगà¥à¤£à¤•ारी (Giloy benefits for skin problem) :
गिलोय तà¥à¤µà¤šà¤¾ संबंधी रोगों और à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ को दूर करने में à¤à¥€ सहायक है। अरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ेरिया में तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर होने वाले चकतà¥à¤¤à¥‡ हों या चेहरे पर निकलने वाले कील मà¥à¤‚हासे, गिलोय इन सबको ठीक करने में मदद करती है।
इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने का तरीका : तà¥à¤µà¤šà¤¾ संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से आराम पाने के लिठगà¥à¤¡à¥‚ची (Guduchi) के तने का पेसà¥à¤Ÿ बना लें और इस पेसà¥à¤Ÿ को सीधे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हिसà¥à¤¸à¥‡ पर लगाà¤à¤‚। यह पेसà¥à¤Ÿ तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर मौजूद चकतà¥à¤¤à¥‡, कील-मà¥à¤‚हासो आदि को दूर करने में सहायक है।
10- गठिया (Giloy benefits for rheumatoid arthritis in hindi) :
गिलोय में à¤à¤‚टी-आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤• गà¥à¤£ होते हैं। इनà¥à¤¹à¥€à¤‚ गà¥à¤£à¥‹à¤‚ के कारण गिलोय (Giloy in hindi) गठिया से आराम दिलाने में कारगर होती है। खासतौर पर जो लोग जोड़ों के दरà¥à¤¦ से परेशान रहते हैं उनके लिठगिलोय का सेवन करना काफी फायदेमंद रहता है।
खà¥à¤°à¤¾à¤• और सेवन का तरीका : गठिया से आराम दिलाने में गिलोय जूस और गिलोय का काà¥à¤¾ दोनों ही उपयोगी हैं। अगर आप गिलोय जूस (Giloy juice) का सेवन कर रहे हैं तो दो से तीन चमà¥à¤®à¤š (10-15ml) गिलोय जूस को à¤à¤• कप पानी में मिलाकर सà¥à¤¬à¤¹ खाली पेट इसका सेवन करें। इसके अलावा अगर आप काà¥à¥‡ का सेवन कर रहे हैं तो गिलोय का काà¥à¤¾ बनाकर उसमें शहद मिलाà¤à¤‚ और दिन में दो बार खाने के बाद इसका सेवन करें।
11- असà¥à¤¥à¤®à¤¾ (Giloy benefits for asthma in hindi) :
गिलोय में à¤à¤‚टी-इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ गà¥à¤£ होने के कारण यह सांसो से संबंधित रोगों से आराम दिलाने में पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¶à¤¾à¤²à¥€ है। गिलोय या गà¥à¤¡à¥‚ची (Guduchi) कफ को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करती है साथ ही साथ इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ पॉवर को बà¥à¤¾à¤¤à¥€ है जिससे असà¥à¤¥à¤®à¤¾ और खांसी जैसे रोगों से बचाव होता है और फेफड़े सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहते हैं।
खà¥à¤°à¤¾à¤• और सेवन का तरीका : असà¥à¤¥à¤®à¤¾ से बचाव के लिठगिलोय चूरà¥à¤£ में मà¥à¤²à¥‡à¤ ी चूरà¥à¤£ मिलाकर शहद के साथ दिन में दो बार इसका सेवन करें। यह मिशà¥à¤°à¤£ सांसो से जà¥à¥œà¥€ अनà¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से आराम दिलाने में à¤à¥€ कारगर है।
12- लीवर के लिठफायदेमंद (Giloy benefits for liver in hindi) :
अधिक शराब का सेवन लीवर को कई तरीकों से नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाता है। à¤à¤¸à¥‡ में गà¥à¤¡à¥‚ची सतà¥à¤µ या गिलोय सतà¥à¤µ का सेवन लीवर के लिठटॉनिक की तरह काम करती है। यह खून को साफ़ करती है और à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट à¤à¤‚जाइम का सà¥à¤¤à¤° बà¥à¤¾à¤¤à¥€ है। इस तरह यह लीवर के कारà¥à¤¯à¤à¤¾à¤° को कम करती है और लीवर को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखती है। गिलोय के नियमित सेवन से लीवर संबंधी गंà¤à¥€à¤° रोगों से बचाव होता है।
खà¥à¤°à¤¾à¤• और सेवन का तरीका : à¤à¤• से दो चà¥à¤Ÿà¤•ी गिलोय सतà¥à¤µ को शहद के साथ मिलाकर दिन में दो बार इसका सेवन करें।
गिलोय के नà¥à¤•सान और सावधानियां (Giloy side effects in hindi):
गिलोय के फायदे (Giloy Benefits in hindi) पà¥à¤•र अगर आपको लगता है कि गिलोय से सिरà¥à¤« लाठही लाठहैं तो à¤à¤¸à¤¾ नहीं है। अगर आप ज़रà¥à¤°à¤¤ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में गिलोय का सेवन करते हैं तो आपको गिलोय के नà¥à¤•सान à¤à¥€ à¤à¥‡à¤²à¤¨à¥‡ पड़ सकते हैं। आइये जानते हैं कि गिलोय के नà¥à¤•सान (Giloy side effects in hindi) कà¥à¤¯à¤¾ हैं और किन परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¯à¥‹à¤‚ में गिलोय का सेवन नहीं करना चाहिà¤à¥¤
1- ऑटो इमà¥à¤¯à¥‚न बीमारियों का खतरा :
गिलोय के सेवन से शरीर की इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ पॉवर मजबूत तो होती है लेकिन कई बार इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ के अधिक सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ होने की वजह से ऑटो इमà¥à¤¯à¥‚न बीमारियों का खतरा बॠजाता है। इसीलिठऑटो इमà¥à¤¯à¥‚न बीमारियों जैसे कि मलà¥à¤Ÿà¥€à¤ªà¥à¤² सà¥à¤•ेरेलोसिस या रà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¡ आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ आदि से पीड़ित मरीजों को गिलोय से परहेज की सलाह दी जाती है।
2- निमà¥à¤¨ रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª (Low Blood pressure) :
जो लोग पहले से ही निमà¥à¤¨ रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª (लो बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤°) के मरीज हैं उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ गिलोय के सेवन से परहेज करना चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि गिलोय à¤à¥€ बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को कम करती है। इससे मरीज की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ बिगड़ सकती है। इसी तरह किसी सरà¥à¤œà¤°à¥€ से पहले à¤à¥€ गिलोय (Giloy in hindi) का सेवन किसी à¤à¥€ रà¥à¤ª में नहीं करना चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को कम करती है जिससे सरà¥à¤œà¤°à¥€ के दौरान मà¥à¤¶à¥à¤•िलें बॠसकती हैं।
3- गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ (Pregnancy) :
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ और सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने वाली महिलाओं को à¤à¥€ गिलोय से परहेज करने की सलाह दी जाती है। हालांकि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान गिलोय के नà¥à¤•सान के पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ मौजूद नहीं है फिर à¤à¥€ बिना डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह लिठगरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में गिलोय का सेवन ना करें।
अब आप गिलोय के फायदे और नà¥à¤•सान से à¤à¤²à¥€à¤à¤¾à¤‚ति परिचित हो चà¥à¤•े हैं। इसलिठअपनी ज़रà¥à¤°à¤¤ के हिसाब से गिलोय का नियमित सेवन शà¥à¤°à¥ कर दें। इस बात का हमेशा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि गिलोय जूस (Giloy juice) या गिलोय सतà¥à¤µ का हमेशा सीमित मातà¥à¤°à¤¾ में ही सेवन करें। हालांकि गिलोय के नà¥à¤•सान (Giloy ke nuksan) बहà¥à¤¤ ही कम लोगों में देखने को मिलते हैं लेकिन फिर à¤à¥€ अगर आपको किसी तरह की समसà¥à¤¯à¤¾ होती है तो तà¥à¤°à¤‚त नजदीकी डॉकà¥à¤Ÿà¤° को ज़रà¥à¤° सूचित करें।
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